ESIC की पोर्टल से हो सकती है कर्मचारियों की डाटा चोरी: सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता

ESIC की पोर्टल से हो सकती है कर्मचारियों की डाटा चोरी:

सरकार को इस पर ध्यान देने की आवश्यकता

दोस्तों आज के वर्तमान युग में इंटरनेट के जरिए लोगों के साथ धोखेबाजी भी धड़ल्ले से किया जा रहा है, और इसके हमें कई सारे मामले देखने को मिलते हैं| इसलिए हमें अपनी पर्सनल जानकारियों को संभाल कर रखने की भी आवश्यकता है तथा आजकल के सोशल मीडिया और सोशल साइटों से अपने निजी डेटा को चोरी होने से बचाने की भी जरूरत है| हमें कई बार ऐसे मामले देखने को मिले हैं जहां पर कई बड़ी-बड़ी सोशल साइटों जैसे -फेसबुक, टि्वटर इत्यादि से पर्सनल डाटा लीक होने की खबरें सुनने को मिलती हैं और फिलहाल कुछ समय पहले की ही बात है ईपीएफओ के पोर्टल से भी आधार की जानकारियां लीक हो जाने की खबरें सुनने को मिली थी|

अभी-अभी आपको पता होगा कि ईपीएफओ के ऑफिशियल वेबसाइट epfindia.gov.in पर जहां आप अपना PF CLAIM STATUS चेक कर सकते थे उसे पासबुक पोर्टल पर स्थानांतरित कर दिया गया| क्योंकि पीएफ क्लेम स्टेटस चेक करने के लिए सिर्फ यूएएन नंबर की आवश्यकता होती थी और कैप्चा कोड दर्ज कर पीएफ की क्लेम स्टेटस चेक किया जा सकता था, जिसे कोई भी व्यक्ति किसी दूसरे के UAN NUMBER के जरिए चेक कर सकता था तथा उसका नाम पीएफ नंबर तथा इत्यादि जानकारियां प्राप्त कर सकता था| यहां पर प्राइवेसी को देखते हुए ईपीएफओ ने इसे पासबुक पोर्टल पर स्थानांतरित कर दिया क्योंकि पासबुक पोर्टल पर यूएएन नंबर के साथ पासवर्ड की भी आवश्यकता होती है जहां हर कोई व्यक्ति लॉगिन नहीं कर सकता है|

इसी तरह ESIC पोर्टल पर भी ईएसआईसी विभाग को ध्यान देने की आवश्यकता है तथा इस पोर्टल को और भी सुरक्षित बनाने की आवश्यकता है, क्योंकि ESIC MEMBER PORTAL पर केवल ईएसआईसी नंबर से लॉगिन किया जा सकता है| जहां पर ईएसआईसी नंबर के साथ कैप्चा कोड को दर्ज कर कोई भी व्यक्ति किसी के ई ESIC NUMBER पर लॉग इन कर सकता है तथा उसकी व्यक्तिगत जानकारियां पता कर सकता है| आपको पता होगा कि ईएसआईसी मेंबर पोर्टल पर लॉगिन कर लेने के बाद इस पोर्टल पर मेंबर की सारी जानकारी जैसे नाम,जन्म तिथि, एड्रेस,आधार नंबर,पिताजी का नाम,नॉमिनी का नाम,माता जी का नाम इत्यादि जानकारियां रहती हैं और इसके अलावा मेंबर की फैमिली डिटेल भी रहती है जिसे सामाजिक तौर पर शेयर करना गलत साबित हो सकता है| और इस वजह से ESIC डिपार्टमेंट को ESIC के मेंबर पोर्टल पर कुछ नए बदलाव करने की आवश्यकता है और इसे और भी ज्यादा सुरक्षित बनाना चाहिए जिससे ईएसआईसी के बीमित व्यक्तियों की पर्सनल डाटा सुरक्षित रह सके|

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