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उपराष्ट्रपति ने 7 मार्च 2021 को आयोजित ESIC मेडिकल कॉलेज, फरीदाबाद के प्रथमस्नातक दिवस को संबोधित किया

हरियाणा के फरीदाबाद में स्थित ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पतालका प्रथम स्नातक दिवस समारोह 07.03.2021 को नई दिल्ली के विज्ञान भवनमें आयोजित किया गया। माननीय उपराष्ट्रपति श्री एम. वेंकैया नायडूइस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे। भारत सरकार के श्रम और रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष कुमार गंगवार ने इस समारोह की अध्यक्षता की।

इस अवसर पर उपस्थित रहने वाले अन्य गणमान्य व्यक्तियों में श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव श्री अपूर्व चंद्र, आईएएस; भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय में अपर सचिवएवंईएसआईसी की महानिदेशक श्रीमती अनुराधा प्रसाद, आईडीएएस;ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबादके डीन डॉ. असीम दास और श्रम और रोजगार मंत्रालय तथाईएसआईसी के अधिकारी शामिल थे।स्नातक समारोह को एक छात्र के जीवन का एक यादगार दिन करार देते हुए, उपराष्ट्रपति ने सभी 91 स्नातक डॉक्टरों को बधाई दी। उन्होंने बैच के सर्वश्रेष्ठ छात्रों को भी सम्मानित किया।

श्री नायडू ने स्नातक करने वाले डॉक्टरों से मरीजों, विशेष रूप से गरीब और उत्पीड़ित लोगों, के प्रति करुणा, देखभाल वाला रवैया अपनाने को कहा


स्नातक करने वाले छात्रों को संबोधित करते हुएश्री नायडू ने हमारे गौरवशाली अतीत की उन शिक्षाओं पर जोर दिया, जो साझेदारी और देखभाल की भावना पर आधारित होने के साथ – साथ महिलाओं को समान अवसर और सम्मान आदि देते हैं। उन्होंने डॉक्टरों से आग्रह किया कि वे मरीजों की सेवाओं के क्रम में मूल्यों और नैतिकता को सबसे आगे रखें। उन्होंने स्नातक करने वाले डॉक्टरों से मरीजों, विशेष रूप से गरीब और उत्पीड़ित लोगोंके प्रति करुणा, देखभाल वाला रवैया अपनाने को भी कहा।

उन्होंने महामारी के खिलाफ लड़ाई लड़ने में डॉक्टरों से लेकर नर्सों, पैरा मेडिकल स्टाफ एवं स्वच्छता कर्मचारियों, तकनीशियनों और गांवों में आशा कार्यकर्ताओं समेत संपूर्ण चिकित्सा बिरादरी के प्रयासों की सराहना की। श्री नायडू ने पीपीई किट, सर्जिकल दस्ताने, फेस मास्क, वेंटिलेटर और टीके जैसी आवश्यक वस्तुओं का उत्पादनबढ़ाने के लिए भारतीय उद्योग जगत की भी सराहना की।

उपराष्ट्रपति ने देश में भारत के सबसे बड़े सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम को चलाने के लिए ईएसआईसी की प्रशंसा की


उपराष्ट्रपति ने देश की लगभग 10 प्रतिशत आबादी को कवर करते हुए भारत का सबसे बड़ा सामाजिक सुरक्षा कार्यक्रम चलाने के लिए ईएसआईसी की प्रशंसा की। हालांकि, उन्होंने बेहतर ग्राहक अनुभव, शिकायत निवारण और बेहतर स्वास्थ्य संबंधी नतीजों को सुनिश्चित करने की दिशा में सुधार की गुंजाइश को भी रेखांकित किया। उन्होंने प्रत्येक श्रमिक की सुरक्षा, संरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के उद्देश्य से ईएसआईसी में व्यापक सुधार शुरू करने के लिए श्रम और रोजगार मंत्रालय की सराहना की।

अपने संबोधन में, भारत सरकार के श्रम और रोजगार राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री संतोष कुमार गंगवार ने भारत सरकार के श्रम और रोजगार मंत्रालय द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की स्थिति में सुधार लाने के लिए श्रम से संबंधित 04 संहिताएं लागू की गई हैं। श्रमिकों और नियोक्ताओं, दोनों, को वित्तीय राहत प्रदान करने के उद्देश्य सेकेन्द्र सरकार ने आत्मनिर्भर भारत रोजगार योजना (एबीआरवाई) की शुरूआतकी है।

उन्होंने कोविड-19 महामारी के दौरान न सिर्फ श्रमिकों के लिए बल्कि आम जनता को भी ईएसआईसी द्वारा प्रदान की गई सेवाओं की सराहना की। उन्होंने आगे बताया कि इस महामारी से प्रभावित होने वाले श्रमिकों को वित्तीय राहत प्रदान करने के लिए अटल बीमित व्यक्ति कल्याण योजना शुरू की गई है।

उन्होंने स्नातक होने वाले छात्रों को बधाई दी और कोविड-19 महामारी के दौरान इन छात्रों द्वारा दी गई सेवाओं की सराहना की। इस कार्यक्रम के दौरान, उन्होंने छात्रों को उत्तीर्णता प्रमाण पत्र से सम्मानित भी किया।

भारत सरकार के श्रम और रोजगार सचिव श्री अपूर्व चंद्र ने अपने संबोधन में देश के श्रमिकों के हितों की सुरक्षा और संरक्षा करते हुए, उनके कल्याण को बढ़ावा देते हुए और संगठित एवं असंगठित, दोनों, क्षेत्रों में उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करते हुए उनके जीवन और प्रतिष्ठा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मंत्रालय द्वारा उठाए गए विभिन्न कदमों के बारे में बताया। उन्होंने यह भी बताया कि बिहटा (पटना) और अलवर (राजस्थान) में स्थापित 02 और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों में कामकाज जल्द ही शुरू होने जा रहा है। उन्होंने ईएसआईसी के सेवा आपूर्ति तंत्र को मजबूत करने की जरूरत पर बल दिया, क्योंकि सामाजिक सुरक्षा से संबंधित संहिता के नियम बनते ही गिग वर्करों को भी सामाजिक सुरक्षा प्रदान की जाएगी।

ईएसआईसी की महानिदेशक श्रीमती अनुराधा प्रसाद ने अपने स्वागत भाषण में बीमित श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों, जोकि समाज के निचले तबके से आते हैं, की सेवा करने की वचनबद्धता को दोहराया।

ESIC मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, फरीदाबाद


ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल, फरीदाबाद देश भर में ईएसआईसी द्वारा चलाए जा रहे छह मेडिकल कॉलेजों में से एक और उत्तर भारत में इकलौता है। इसका निर्माण 30 एकड़ के विशाल क्षेत्र में 18 लाख वर्गफुट के कुल निर्मित क्षेत्र के साथ 800 करोड़ रूपये की परियोजना लागत से किया गया है। इस मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस कोर्स के लिए सालाना 125 सीटों पर दाखिला होता है।इस कॉलेज में 100 एमबीबीएस छात्रों के पहले बैच का दाखिला वर्ष 2015 में किया गया था। यह मेडिकल कॉलेज नवीनतम उपकरणों, वातानुकूलित कक्षाओं, प्रयोगशालाओं आदि से सुसज्जित है। इस कॉलेज में लड़के एवं लड़कियों के लिए कैंपस हॉस्टल और डॉक्टरों/ नर्सों / कर्मचारियों के लिए आवास भी है। इसके अलावा, यह कॉलेज पाठ्येतर गतिविधियों के लिए इनडोर और आउटडोर खेल सुविधाएं भी प्रदान करता है। यह कॉलेज केन्द्र सरकार के अखिल भारतीय कोटे में 15 प्रतिशत सीटों, राज्य सरकार के कोटे में 50 प्रतिशत सीटों का योगदान देता है और शेष 35 प्रतिशतसीटेंनिर्धारित पात्रता मानदंडों को पूरा करने वालेईएसआई अधिनियम के तहत बीमित व्यक्ति के आश्रितों के लिए आरक्षित हैं।

इस मेडिकल कॉलेज से जुड़ा अस्पताल अत्याधुनिक उपकरणों और सेवाओं / सुविधाओं से सुसज्जित है। इस अत्याधुनिक अस्पताल में बीमित व्यक्ति एवं उनके आश्रितों के लिए ओपीडी, आईपीडी, वार्ड, आपातकालीन सेवाएं, नैदानिक​​सेवाएं, ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, सीटी स्कैन, एमआरआई और अन्य कई सुविधाएं हैं। यह अस्पताल विशेष रूप से ईएसआई योजना के तहत बीमित श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों के लाभ के लिए चलाया जाता है। हालांकि, कोविड-महामारी की अवधि के दौरान यह आम जनता को भी चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रहा है। उपचार के लिए यहां प्लाज्मा बैंक भी स्थापित किया गया है।

भारत में ESIC योजना


कर्मचारी राज्य बीमा निगम एक अग्रणी सामाजिक सुरक्षा संगठन है, जो रोजगार की चोट, बीमारी, मृत्यु आदि की जरूरत के समय समुचित चिकित्सीय देखभाल और विभिन्न किस्म के नकदी लाभ जैसे व्यापक सामाजिक सुरक्षा लाभ प्रदान करता है। ईएसआई अधिनियम उन परिसरों / प्रांगणों में लागू होता है, जहां 10 या उससे अधिक व्यक्ति कार्यरत होते हैं। प्रतिमाह 21,000/- रूपये तक का वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारी ईएसआई अधिनियम के तहत स्वास्थ्य बीमा कवर और अन्य लाभों के हकदार होते हैं। यह अधिनियम अब देशभर में 12.36 लाख से अधिक कारखानों और प्रतिष्ठानों पर लागू है, जिससे श्रमिकों की लगभग 3.41 करोड़ पारिवारिक इकाइयां लाभान्वित होती हैं। अबतक, ईएसआई योजना के तहत सुविधा हासिल करने वाले कुल लाभार्थियों की संख्या 13.24 करोड़ से अधिक है। वर्ष 1952 में अपनी स्थापना के बाद से ईएसआई कॉरपोरेशन ने अब तक 159 अस्पताल, 1502/308 औषधालय / आईएसएम इकाइयां, 559/185 शाखा / वेतन कार्यालय, 49 औषधालय सह शाखा कार्यालय और 64 क्षेत्रीय और उप-क्षेत्रीय कार्यालय स्थापित किए हैं। डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए, ईएसआईसी ने चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी कदम रखा। वर्तमान में, ईएसआईसी पूरे देश में 06 मेडिकल कॉलेज, 06 पीजीआईएमएसआर, 02 डेंटल कॉलेज और 02 नर्सिंग कॉलेज चला रहा है। बिहटा (बिहार) और अलवर (राजस्थान) में स्थापित दो और ईएसआईसी मेडिकल कॉलेजों में भी जल्द ही कामकाज शुरू करने का प्रस्ताव है।

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